ईरान छोड़ें भारतीय नागरिक: भारतीय दूतावास ने जारी की नई एडवाइजरी
पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार ने ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों के लिए नई एडवाइजरी जारी की है। भारतीय दूतावास ने स्पष्ट रूप से कहा है कि भारतीय नागरिक फिलहाल ईरान की यात्रा न करें—न हवाई मार्ग से और न ही स्थल मार्ग से।
यह सलाह ऐसे समय में आई है जब क्षेत्रीय अस्थिरता, एयरस्पेस प्रतिबंध और सुरक्षा संबंधी अनिश्चितताएँ लगातार बनी हुई हैं। दूतावास ने ईरान में मौजूद भारतीयों से भी जल्द और सुरक्षित तरीके से बाहर निकलने की अपील की है।



दूतावास ने क्या कहा?
भारतीय दूतावास की ओर से जारी परामर्श में कहा गया है कि—
- भारतीय नागरिक ईरान की यात्रा से बचें
- जो लोग पहले से ईरान में हैं, वे जल्द बाहर निकलने की योजना बनाएं
- और किसी भी अंतरराष्ट्रीय land border पर बिना दूतावास से संपर्क किए न जाएँ
दूतावास ने यह भी दोहराया कि सीमा पार करने से पहले Embassy की स्पष्ट अनुमति और समन्वय आवश्यक है।
हवाई और स्थल मार्ग दोनों पर चेतावनी
हालांकि भारत और ईरान के बीच कुछ सीमित उड़ानें फिर शुरू होने की खबरें आई हैं, फिर भी एयरस्पेस restrictions और operational uncertainty अभी भी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई हैं।
इसी वजह से दूतावास ने साफ कहा है कि नागरिक हवाई या सड़क—दोनों रास्तों से यात्रा करने से बचें।
क्यों बढ़ी चिंता?
अमेरिका-ईरान तनाव, होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बढ़ते सैन्य संकेत और क्षेत्रीय सुरक्षा संकट ने पूरे पश्चिम एशिया को संवेदनशील बना दिया है।
ऐसी स्थिति में अचानक सीमा बंद होना, उड़ानों का रुकना या सुरक्षा संकट बढ़ना संभव है। इसलिए भारत सरकार पहले से ही सावधानी बरतने की सलाह दे रही है।
भारतीयों के लिए क्या निर्देश?
ईरान में मौजूद भारतीय नागरिकों से कहा गया है कि—
👉 स्थानीय हालात पर नजर रखें
👉 Embassy के आधिकारिक अपडेट follow करें
👉 आवश्यक दस्तावेज तैयार रखें
👉 और emergency helpline numbers अपने पास रखें
दूतावास ने यह भी कहा है कि अनियोजित border crossing से दिक्कतें बढ़ सकती हैं, इसलिए हर कदम आधिकारिक समन्वय के साथ ही उठाया जाए।
निष्कर्ष
भारत सरकार की यह advisory केवल एक सामान्य travel warning नहीं, बल्कि सुरक्षा को लेकर गंभीर संकेत है।
ईरान की मौजूदा स्थिति को देखते हुए भारतीय नागरिकों के लिए सतर्क रहना और आधिकारिक निर्देशों का पालन करना बेहद जरूरी है।
अब सबसे महत्वपूर्ण बात यही है—
सुरक्षा पहले, यात्रा बाद में।

